मौत के बाद भी जीवन है!’ हाल ही में एक पुस्तक ‘एविडेंस आॅफ द आफ्टर लाइफ’ के आने से विज्ञान जगत में खलबली मच गई है, क्योंकि इसमें मृत्यु के बाद जीवन की बात स्थापित की गई है। विख्यात कैंसर विशेषज्ञ अमेरिकी डाॅ. जैफरी लांग ने यह पुस्तक लिखी है। कई वैज्ञानिक लांग की आलोचना कर रहे हैं। परंतु लांग का कहना है, ‘यदि आप मौत के बाद जीवन के वैज्ञानिक प्रमाण देखना चाहते हैं तो मेरा जवाब होगा कि इसके लिए आपको लोगों के पास जाकर उनके अनुभव जानने होंगे।’ लांग ने करीब मौत के नजदीक पहुंच चुके करीब 1600 लोगों के अनुभवों (नियर डेथ एक्सपीरियंस-एनडीई) पर शोध किया। उन्होंने अपना अनुभव लोगों के साथ वेबसाइट (एनडीईआरएफ डाॅट ओआरजी) पर भी बांटा। वह कहते हैं कि ‘हमारे वेबसाइट पर प्रतिमाह करीब चालीस हजार लोग तीन लाख पृष्ठ पढ़ते हैं। अनुभव अंतिम सत्य काबकौल लांग, मौत के अनुभव में दो बातें शामिल होती है। एक, यदि कोई व्यक्ति मृत्यु के करीब है तो इसका मतलब है कि वह शारीरिक रूप से अक्षम हो चुका है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति लगभग अचेतन हो जाता है। दूसरे जीवन के अंतिम क्षणों में कुछ लोगों को मौत का संस्पर्श होता है। उन्हें बाकायदा अनुभव होते हैं। जो लोग इस बात को महज कल्पना मानते हैं उनके लिए मेरे पास 20 जवाब है। लांग कहते हैं कि बहुत से लोग तर्क करते हैं लोग मृत्यु और उसके बाद के जीवन की कल्पना कर लेते हैं। वहीं अंतिम क्षणों में बयान करते हैं। परंतु लांग के अनुसार, आप पांच साल या उससे कम उम्र के बच्चों के बारे में क्या कहेंगे? ये बच्चे भी वही अनुभव बयान करते हैं, जो बड़े करते हैं। मेरे शोध में कम उम्र के बच्चों के बयान भी दर्ज हैं। जिससे यह साफ है कि बच्चों और बड़ों, दोनों की मृत्यु के समय समान अनुभव होते हैं।लांग का दावा है कि आप चाहे किसी भी धर्म या संस्कृति के हों, चाहे आपने मृत्यु पश्चात अनुभवों के बारे में कभी बात न की हो, इससे मृत्यु के अनुभवों पर कोई फर्क नहीं पड़ता। अपनी पुस्तक में लांग ने 9 ऐसे प्रमाण दिए हैं, जो मृत्यु पश्चात जीवन को साबित करते हैं। इनमें मृत्यु का अनुभव करने वाले व्यक्ति को सब कुछ याद आना, तीव्र-अलौकिक प्रकाश का दिखना, अत्यधिक ऊंचाई का अनुभव, परिवार के पहले मर चुके लोगों के साथ पुनर्मिलन और इस जीवन के अमिट प्रभाव शामिल है, जो मरने वाला अगले जीवन में भी ले जाता है। पिछले 15 सालों से लांग एनडीई पर कई लेख लिख चुके हैं। वे खुद कैंसर से ग्रस्त हैं। लांग कहते हैं मौत के बाद जीवन की अवधारणा मुझे अपनी बीमारी से लड़ने और एक बेहतर डाॅक्टर बनने में मदद करती है।
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